देहरादून में बुजुर्ग को साइबर ठगों ने लूटे 84.7 लाख रुपये: ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा!

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Rakesh singh
Oct 09, 2024 Dehradun

देहरादून में एक नया साइबर ठगी का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें 74 वर्षीय देवेंद्र कुमार सिंघल ने 84.7 लाख रुपये की बड़ी रकम गंवा दी है। ठगों ने उन्हें आरबीएल सिक्योरिटीज के अधिकारी बताकर ऑनलाइन ट्रेडिंग के जाल में फंसाया। यह घटना न केवल वित्तीय हानि का कारण बनी, बल्कि बुजुर्ग के लिए मानसिक तनाव भी उत्पन्न किया।

सिंघल के अनुसार, उनकी मुलाकात जुलाई 2024 में इंटरनेट पर एक विज्ञापन के माध्यम से अर्जुन हिंदुजा नामक व्यक्ति से हुई। हिंदुजा ने खुद को एनडब्ल्यूआईएल सिक्योरिटीज का मुख्य निवेश अधिकारी बताते हुए सिंघल को आरबीएल सिक्योरिटीज की वीआईपी स्टॉक सर्विस में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव के तहत 30 दिनों के ट्रायल की पेशकश की गई, जिसे लेकर सिंघल ने शुरुआती तौर पर रुचि दिखाई।

हालांकि, इसके बाद ठगों ने सिंघल पर विभिन्न आईपीओ में निवेश करने का दबाव डालना शुरू कर दिया। उन्होंने आरबीएल सिक्योरिटीज के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया, जिसमें सिंघल को बड़े पैमाने पर शेयर आवंटन की जानकारी दी गई। इस ग्रुप में अन्य सदस्यों को भी जोड़ा गया, जिससे यह विश्वास बढ़ा कि यह एक विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है।

जब सिंघल ने शेयरों की बिक्री के बाद अपनी राशि निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने उन्हें बताया कि उनके खिलाफ शिकायत दर्ज है। उन्हें यह कहा गया कि जब तक वह शिकायत वापस नहीं लेते, तब तक उन्हें पैसे नहीं दिए जाएंगे। इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उन्होंने अपने पैसे निकालने की प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना शुरू किया।

अब देवेंद्र कुमार सिंघल की तहरीर पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के डिप्टी एसपी अंकुश मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाई गई है, जो जल्द ही आरोपी ठगों का पता लगाने का प्रयास करेगी।

यह घटना न केवल देवेंद्र कुमार सिंघल के लिए बल्कि अन्य बुजुर्ग नागरिकों के लिए भी एक चेतावनी है। इंटरनेट और ऑनलाइन ट्रेडिंग के क्षेत्र में सावधानी बरतने की आवश्यकता है, खासकर जब बात पैसे की हो। साइबर ठगी के इस बढ़ते मामले को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशासन को भी कदम उठाने की आवश्यकता है।